आज धर्म के नाम पर लड़ते देखा है
मैंने |
तु छोटा, मैं बडा कहते सुना है
मैंने,
हालात के नाम पर सियासत करते
देखा है मैंने,
आज धर्म के नाम पर लड़ते देखा है
मैंने ||
धर्म के नाम पर व्यापार करते
देखा है मैंने,
राहत के नाम पर ठगते देखा है मैंने,
इस सोने की चिड़िया को दोबारा
लुटते देखा है मैंने,
आज धर्म के नाम पर लड़ते देखा है
मैंने ||
सबके दिलो में द्वेष की चिंगारी
जलते देखा है मैंने |
भारत का खोता स्वरुप देखा है
मैंने,
कभी तो बदलेगें हालात सोचा है
मैंने,
आज धर्म के नाम पर लड़ते देखा है
मैंने ||






