महाशिवरात्रि भागवान शिव का त्यौहार है। इस त्यौहार को बच्चे बुढे़ सभी धूम.धाम से मनाते है। इस दिन भक्त जन पूज पाठ पूर्ण होने तक निरजल व्रत रखते है। इस दिन लोग भांग का सेवन भी करते है। महाशिवरात्रि के दिन लोग सुबह उठ कर नहा कर शिव पूजा मे लीन हो जाते है।
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को खुश करने के लिए भक्त विभिन्न प्रकार के उपाय करते हैं। किन्तु हर उपाय साधारण जन.मानस के लिए सरल नहीं होते। आप आपने घर पर महाशिवरात्रि पूजन की अत्यंत आसान विधि है यह पूजन विधि फलदायी भी है। भगवान शिव अत्यंत सरल स्वभाव के हैं।
भगवान शिव की पूजा के लिये
सबसे पहले आसन ग्रहण कर के पहले आचमन करें।
यज्ञोपवित जनेऊद्ध धारण कर शरीर शुद्ध करें।
तत्पश्चात आसन की शुद्धि करें।
पूजन.सामग्री को अपने स्थान पर दीपक प्रज्ज्वलित करें।
स्वस्ति.पाठ .
स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवारूए स्वस्ति ना पूषा विश्ववेदारूए स्वस्ति न स्तारक्ष्यो अरिष्टनेमि स्वस्ति नो बृहस्पति र्दधातु।
पूजा की शुरुवात संकल्प से करें
भगवान गणेश एवं गौरी.माता का स्मरण कर पूजा करना चाहिए।
संकल्प करते हुए भगवान नन्दीश्वरए वीरभद्रए कार्तिकेय स्त्रियां कार्तिकेय का पूजन नहीं करेंद्ध एवं सर्प का संक्षिप्त पूजन करना चाहिए।
बिल्वपत्र एवं अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान लगये।
तत्पस्चात आसन आचमन स्नान दही घी शहद व शक्कर से स्नान कराएं।

भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं।
फिर सुगंध स्नान कराएं फिर शुद्ध स्नान कराएं।
भगवान शिव को वस्त्र चढ़ाएं। वस्त्र के बाद जनेऊ चढाएं। फिर सुगंधए इत्र अक्षत पुष्पमालाए बिल्वपत्र चढाएं।
अब भगवान शिव को विविध प्रकार के फल चढ़ाएं। इसके पश्चात धूप.दीप जलाएं।
हाथ धोकर भोलेनाथ को नैवेद्य लगयें।
नैवेद्य के बाद फलए पानए नारियल चढ़ाकर आरती करें।
इसके बाद क्षमा.याचना करें।

क्षमा मंत्र रू आह्वानं ना जानामि ना जानामि तवार्चनमए पूजाश्चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वररू।
इस प्रकार पूजन करने से ही भगवान शिव प्रसन्न होकर सारे मनोरथ पूर्ण करते है। घर में पूरी श्रद्धा के साथ पूजन भी किया जाए तो भोले बाबा प्रसन्न हो जाते हैं।






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