प्यासा है मन मोरा, तेरे प्रेम को रे कान्हा |


तोको ढुढे़ रे मन मोरा, खोजू कहा रे कान्हा |


जानत हूँ सब में रहता तु, फिर भी मैं ढुंढू रे कान्हा |


प्यासा है मन मोरा, तेरे प्रेम को रे कान्हा ||


प्रेम का पाठ पढा़ दे,  इस जग को  फिर से रे कान्हा |


सूनी है मेरे मन की गलियाँ, तेरे बिन मेरो कान्हा |


मन भटक रहो है मेरो, तेरे इन्तजार में रे कान्हा |


ना देर लगा अब, दरस तो दिखा रे कान्हा |


प्यासा है मन मोरा, तेरे प्रेम को रे कान्हा ||


मेरो कान्हा मन भावन कान्हा, सुर के रस में डुबो दे रे कान्हा |


कर्ण प्यासो है मेरो, तेरी बाँसुरी बिन रे कान्हा |


नैंनो की प्यास ना सही, मन की प्यास बुझा रे कान्हा |


थोरो तरस खाले रे, बार-बार यही पुकारुं रे कान्हा |


प्यासा है मन मोरा, तेरे प्रेम को रे कान्हा ||